रात बहुत है पर दिल से याद करता हूं - हिन्दी कविताएं- दिल के करीब

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Tuesday, 6 March 2018

रात बहुत है पर दिल से याद करता हूं

   लब्ज पुराने ही सही चलो बात करता हुँ ।
 रात बहुत है, फिर भी दिल से याद करता हुँ ।
( दिलीप पंवार)

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