चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैंbest hindi poem - हिन्दी कविताएं- दिल के करीब

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Sunday, 26 April 2020

चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैंbest hindi poem

चलो कुछ काम करते हैं ।
चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते  है।
 Best hindi poem कविता




कौन कैसा है ,कौन मजे में है ,कौन दुख में है।
 हम भी हैं, उनके सामने ,या क्या कोई अड़चन है ।

चलो कुछ काम करते हैं ।
चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

हम भी है, जीवन के सफर में ,वो भी है लहरों पर हर पल है।
 कोई अकेला, तो कोई आज भी साथ चल रहा है ।

चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

किसी को परिवार ने दिल में बसाया ,
और किसी को परिवार ने दि।ल से वृद्धा आश्रम पहुंचा दिया।

 देखते हैं, सब के दिल की धड़कने  बराबर तो चल रही है ना दुख जाता है ,उन्हें कहीं आपकी आंखें तो नम नही हो रही है ना ।

चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

फिर से वही चौराहो वाली चाय ,वो सड़क किनारे की गपशप में खो जाते हैं 
कुछ अपने दुखड़े ,कुछ तुम्हारे सुन जाते हैं।

 चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं चलो कुछ काम करते हैं चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं 

अब पहले जैसी चमक ,चेहरे पर नहीं है  ना कोई उत्साह है ।काम सब कुछ कर लिया, जीवन फिर भी अधूरा सा है ।

चलो कुछ काम करते हैं चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं 

चलो पहले हम हाथ मिलाते हैं फिर गौर से देखते हैं ।
पूछते हैं ,इतने दिन से कहां थे और बात फिर बात करते हैं और सुनाओ ,कैसे हो ,ऐसी बात से एक दूसरे को जानने की कोशिश करते हैं। 
भाभी कैसी है, बच्चे कैसे हैं ,शहर कौनसा है, यह बातें भी पूछते हैं ।

चलो कुछ काम करते हैं ।
चलो पुराने दोस्तों को याद करते हैं ।

अब चलो शराब शिगार नही तो  ,चाय की चुस्की ही लेते है।
कुछ अपने दुखड़े हमको और हम अपने अंतरे तुमको सुनाते हैं अब कोई ख्वाहिश ना रही आंखों में उनके।
 सपने हमारे भी कुछ अधूरे और कुछ पूरे हो गए हैं 

चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो पुराने दोस्तों से बात करते हैं 

अब शरीर में बहुत परेशानियां हैं यह चलता रहता है ,
इस उम्र में कहते हैं

 चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं
 वो सड़क बनी क्या नहीं, 
आम अब भी खाते हो ,या नहीं ।
और पीपल का पेड़ तुम्हारे घर के पास है क्या नहीं।

 फिर से वही पुरानी बातों की हंसी ,आज ताजा करते हैं 

चलो कुछ काम करते हैं 
चलो कुछ पुराने दोस्तों को याद करते हैं

 पाकर खोना, खोकर पाना रात और दिन से ही समझते हैं
 हम बुढे हैं यार,हम कहां, उस दिन और आज के दिन में अंतर समझते हैं।

 चलो कुछ काम करते हैं ।
चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं ः

पहले इशारों से काम होता था अब उनके इशारों से अपनी इच्छा पूरी करना पड़ता है तुम दोस्त हो यार हमारे, दिल की बात बताना पड़ता है ।

चलो कुछ काम करते हैं
 चलो कुछ पुराने दोस्तों को याद करते हैं ।

झुर्रिया चेहरे पर लहरो सी छाने लगी है अनुभव तो बहुत हुआ
जीवन मे।
पर रास्ता अब भी खाली है मंजिल में।

पाया जो, अपना लगा नहीं खोया ,
जो मिला नहीं।
 जिंदगी से कोई शिकवा ना शिकायत कोई ।

चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

रंग बदला , साइज बदला पर यार ,तूने पुराने शर्ट का स्टाइल  नही बदला ।

चलो इस बहाने हंसते हैं ,चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करके 

कैसे  तेरे शहर की चमक और वो पूछते हैं गांव के पक्के मकान बने क्या, नहीं ।
वह हमारी सुबह घूमने वाली सड़क पौधों से रंगीन हुई क्या नहीं।
 वह हमारी सुबह घूमने वाली सड़क पौधों से रंगीन हुई क्या नहीं।

 चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

अब मेरी आंखें कमजोर और तुम्हारे घुटने में दर्द हो रहा हैं 
हम आज भी साथ है पुराना खुशी के पल काआज भी आनंद से ले  रहे हैं।

 इस जीवन की उलझने  सिर्फ दो वक्त की रोटी 
सिखा दिया रोटी जब मिली, पेट पचाना ना सका ।

चलो कुछ काम करते हैं ।
चलो पुराने दोस्तों से बात करते हैं
 हम 
हर  अनुभव हमको कुछ सिखाते गए,
 तुम भी यार हमारे दिल से दूर जाते हैं 

जिंदगी को सहेजे कैसे एक पन्ना लिखा नहीं 
कि दूसरा कोरा आ जाता है 
कब बचपन बीता, कब जवानी आई है 
अब तो अनुभव ही हुए अब कहानी कहते-कहते परछाई आई। 

चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो कुछ पुराने दोस्तों से बात करते हैं ।

चलो इस बहाने घूमने निकल जाते हैं 
चलो पुराने दोस्तों को याद करते हैं

 चलो कुछ काम करते हैं।
 चलो पुराने दोस्तों से  बात करते हैं।
 दिलीप पवार

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