Sunday, 5 May 2019
मन उदास है
अश्को...से
अश्को से और, क्या जिना सिखे।
साहाब।
ऐ तरसाते बहुत है,
दर्द कितना है ,दिल मे क्या जाने ऐ
दुनिया वाले ।
जब भी पलको से उतरते है ।
कमबख्त् आजमाते बहुत है ।
-दिलीप पवार
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