Pyar kaise hota hai
जब से देखा हम क्या कहे,
ये नजरे तुझ पर टीकी है।
सोते है बिस्तर पर तकिये के
सहारे,हर सपनो मे तु है।
क्या सांसो मे भी बसी हो,
निंद कब कि हुई खतम हमारी
रात एसी तुमने चुराई हो।
क्या सुरत देखे हम ।
इनआइनो की दिवारो मे।
मेरे घर को ही अपनी मुरत बनाई हो।
मेरे घर को ही अपनी मुरत बनाई हो।
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