भुला बिसरा THA ओ GALI
भुला बिसरा था मै ओ गली,
जा रही थी, फिर ओ अकेली।
हमने थोडी सांंस रोकी,
क्या कहे यारो..
क्या कहे यारो...
उसने भी घुर कर दे खी।
सब देख रहे थे ,उसकी सुरत
हमे अजब बिमारी हो ग ई थी।
जैसे छुआ उसने मुझे प्रेम अमर,
कहानी हो गई थी।
जैसे छुआ उसने मुझे प्रेम अमर ,
कहानी हो गई थी।
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